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आने वाले कुछ दशक में क्या भारत कर पाएगा ई.वी.एस (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) से जुड़ी अपनी परियोजना को पूर्ण?

भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लाने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया एक कदम



Features

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Nisha Singh


जिस रफ्तार से दिन प्रतिदिन वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है उसी तरह पेट्रोल और डीजल का उपयोग भी बढ़ता जा रहा है और इसे देखते हुए यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि भविष्य में पेट्रोल और डीजल का स्तर बहुत कम हो जाएगा।आने वाले कुछ दशक में पेट्रोल खत्म होने की संभावना भी है, यह एक फॉसिल फ्यूल है जो कि नॉन-रिन्यूएबल है।इसलिएभारत इलेक्ट्रिक वाहनों के विचार को दृढ़ता से बढ़ावा दे रहा है और 2011 में सरकार नेशनल मिशन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रस्ताव के साथ आई थी।एक सामान्य कार जो डीजल पेट्रोल का उपयोग करता है उसके विपरीत इलेक्ट्रिक वाहन, एक रिचार्जेबल बैटरी में संग्रहीत ऊर्जा का उपयोग करता है।

दूसरी तरफपेट्रोल वाली इंजन बहुत ज्यादा नुकसानदायक हैं।पेट्रोल/डीजल का रेट बढ़ता जा रहा है, यह इतना प्रदूषण फैला रहा है कि हमें और हमारी आने वाली पीढ़ियों को सांस लेने में बहुत सारी दिक्कतें देने वाला है।प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए 'पॉलिसी मेकर्स ऑफ इंडिया' इलेक्ट्रिक वाहनों के विचार को दृढ़ता से बढ़ावा दे रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की लगभग 90% से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या प्रदूषण के कारण होती है और दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में से 14 भारत में हैं।अगर इलेक्ट्रिक वाहन का विस्तार होता है और इनका ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाता है तो भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी जो समस्या है उनका रेश्यो भी कम हो जाएगा।इलेक्ट्रिक वाहन अन्य वाहनों की तुलना में वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद करता है।

भारत कि पहली इलेक्ट्रिक बस 2014 में बेंगलुरू में शुरू की गई थी और इसकी शुरुआत महिंद्रा ऑटोमोबाइल सेक्टर ने की।

पुराने जमाने में जो बैटरी से चलने वाले टॉय कार इस्तेमाल किए जाते थे उनमें लिथियम बैटरीज का इस्तेमाल होता था तब उन्हें ज्यादा विकसित नहीं किया गया था और इन बैटरी के एफिशिएंसी भी कम होती थी। लेकिन साल दर साल इन पर प्रयोग करते हुए इनमें विकास लाया गया और अब इन्हें इस तरह से प्रयोग में लाया जाएगा कि इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा से ज्यादा समय तक एक निश्चित दूरी तय कर पाए।

अगर इन इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज दूरी के हिसाब से बना दी जाए तो शायद इनका डिमांड भी बढ़ सकता है और लोग इन्हें खरीदने के प्रति एक बार भी ना सोचे। आने वाले कुछ दशक में शायद इन सब चीजों में विकसित किया जाएगा और तब जाकर भारत में अन्य वाहनों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों की स्पीड अन्य पेट्रोल/डीजल से चलने वाली वाहनों के मुकाबले थोड़ा कम रहता है।दूसरे वाहन की तुलना में एफिशिएंसी ज्यादा है इलेक्ट्रिक वाहनों में।शुरुआत के लिए इलेक्ट्रिक वाहन थोड़े महंगे हो सकते हैं लेकिन लॉन्ग टर्म के लिए यह बहुत ही सस्ता होता है।

ईंधन कारों पर इलेक्ट्रिक कारों के फायदे क्या हैं?

औसतन, इलेक्ट्रिक वाहन ईंधन के दृष्टिकोण से 75-80% सस्ते होते हैंजो उच्च उपयोग वाले कई उपभोक्ताओं के लिए लाभदायक है। क्योंकि बैटरी चार्ज करना यह ईंधन देने की तुलना में सस्ता है।

1. सौर ऊर्जा से चलने वाली इलेक्ट्रिक कार और वाहन

2. हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन जो पेट्रोल और इलेक्ट्रिसिटी दोनों से ही संचालित किया जाता है।

3. ऑन-बोर्ड बैटरी पैक वाली इलेक्ट्रिक कारों को बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) के रूप में भी जाना जाता है।

रामनाथ जी विराजा सुपर इलेक्ट्रिक बाइक्स के मालिक है। उन्होंने 10 साल से लगातार कोशिश कि इलेक्ट्रिक बाइक और साइकिल को लोगों के बीच लानेकी ताकि भारत में ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करेंऔर वायु प्रदूषण एवंध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके जिससे लोगों को भीस्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कम करना पड़े।

इनकी डिमांड क्या है? रामनाथ जी ने कहा “अभी फिलहाल कस्टमर्स इलेक्ट्रिकल वाहन से जुड़े चीजों को लेकर ज्यादा अवगतनहीं है। सब जगह नोटिस लगाना चाहिएताकि भविष्य में सभी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे और वातावरण को प्रदूषित होने से बचाएं।“और उन्होंने यह भी कहा, “10 साल पहले 1-2 गाड़ी चलता था, अभी 15-20 तक आया है। प्रॉफिट अभी फिलहाल नहीं है, लॉस में चल रहा है। कस्टमर बढ़ेंगे तो प्रॉफिट होगा।“

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से विकसित नहीं किया गया है।

चार्जिंग स्रोत से जुड़े सवाल में रामनाथ जी ने बताया अभी फिलहाल चार्जिंग स्टेशन नहीं बनाया गया है। जल्द ही सरकार इससे जुड़ी सुविधाएं देंगी फिलहाल बैटरी को अपने घर से चार्ज करना पड़ेगा और इसके निर्धारित दूरी को ही तय करना सही होगा।

फीडबैकक्या आया लोगों का इस्तेमाल करने के दौरान:

“सब खुश है और ई.वी.एस (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) पर भरोसा करना शुरू कर रहे हैं। प्रॉब्लम नहीं फेस करनी पड़ीअभी तक इससे जुड़ी उन्हें किसी भी चीज की, बस चार्जिंग स्टेशन बनने के बाद थोड़ी मुश्किलें आसान हो जाएंगे।“

22 मई 2018 को, एथेर एनर्जी ने बैंगलोर में एथेर ग्रिड नामक अपनी चार्जिंग अवसंरचना सेवा शुरू की, जिसमें स्टेशन को 'पॉइंट' कहा गया। यह सेवा सभी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए खुली है, लेकिन इसे वहां तैनात किया जाएगा जब एथेर अपनीइलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च करने की योजना को पूरा करेंगे।

इलेक्ट्रिक वाहन वाटरप्रूफ होते हैं और बारिश के संपर्क में आने में इनमें कोई नुकसान नहीं होगा लेकिन अगर बाढ़ के दौरान यह पूरी तरह पानी में डूब जाए तो इनकेकुछ पार्ट बदलने की आवश्यकता जरूर पड़ सकती हैं।

भारत में कौन सी इलेक्ट्रिक बाइक सर्वश्रेष्ठ है?2019 के लिए भारत में शीर्ष 10 इलेक्ट्रिक बाइक की सूची: -

1. Hero Electric Optima Plus Specifications

1. Starting price-Rs.42,190

2. Electric motor power- 250 W

3. Battery recharge time- 6 to 8 hours

4. Fuel economy- 70 km for each charge

2. Hero Electric Cruz Specification

1. Engine displacement- 100 cc

2. Starting mechanism- Self-start

3. Price- Rs.56,000

4. Fuel economy- 70 km per charge

5. Maximum speed- 25 Kmph

6. Electric motor power- 250 W

7. Gear box- Automatic

8. Rear suspension- Soft suspension

9. Ground clearance- 140 mm

10. Battery capacity- 48 V, 24 Ah

3. Avon E scoot Specification

1. Engine displacement- 100 cc

2. Starting mechanism- Self-start only

3. Price- Rs.41,554

4. Fuel economy- 65 km per charge

5. Maximum speed- 24 Kmph

6. Electric motor power- 250 W

7. Gear box- Automatic

8. Ground clearance- 140 mm

9. Battery capacity- 48 V, 20 Ah

10. Type of motor- Hub Mounted BLDC 250W

11. Type of charger- 220 AC/48 V DC

12. Battery recharge time- 6 to 8 hours

4. YO Xplor Specification

1. Price-Rs.38,978

2. Kerb weight- 91 kg

3. Starting mechanism- Self-start/electric start

4. Economy mode- 30 to 35 kmph

5. Power mode- 35 to 55 kmph

6. Battery- 33 Ah VRLA

7. Electric motor power- 250 W

8. Fuel economy-105 to 110 km per charge

5. Tork T6X Specifications

1.Price- Rs.1,25,000

2. Electric motor power- 6kW

3. Fuel economy- 100 km per charge

4. Battery recharge capacity- 80% in 1 hour

6. Indus Yo Xplor Specifications

1. Price- Rs.37,534

2. Engine displacement- 100 cc

3. Maximum power- 750 Watts

4. Type of engine- BLDC Hub

5. Fuel economy- 60 Km for each charge

6. Starting mechanism- Self-start only

7. Maximum speed- 25 Kmph

8. Gear box- Automatic

9. Battery recharge time- 6 to 8 hours

10. Rear suspension- Swing arm type with hydraulic damper

7. Hero Electric Optima Specifications

1. Price- Rs.58,000

2. Engine displacement- 100 cc

3. Maximum power-0.33bhp

4. Type of motor- BLDC Motor

5. Fuel economy- 70 Km for each charge

6. Starting mechanism- Self-start only

7. Maximum speed- 25 Kmph

8. Gear box- Automatic

9. Battery recharge time- 6 to 8 hours

10. Ground clearance- 140 mm

8. Indus Yo Spark Specifications

1. Price- Rs.45,341

2. Battery recharge time- 6 to 8 hours

3. Maximum power- 750 Watts

4. Engine displacement- 100 cc

5. Maximum speed- 45 Kmph

6. Starting mechanism- Self-start only

7. Fuel economy- 75 Km for each charge

8. Type of motor- BLDC Hub Motor

9. Motor power- 900 W (1500 W Peak Power)

10. Battery capacity- 48 V - 33 Ah

11. Load capacity- 130 Kgs

12. Type of motor- BLDC Hub Motor

13. Gear box- Automatic

9. Hero Electric AXLHE-20 Specifications

1. Price- Rs.55,000

2. Type of wheel- Alloy

3. Engine displacement- 100 cc

4. Period of launch- February 2018

5. Type of tyre- Tubeless

6. Maximum power- 6000 Watts (8.15 PS)

7. Rear brake- Drum

8. Front brake- Disc

10. Hero Electric Maxi Specifications

1. Price- Rs.32,490

2. Gear box- Automatic

3. Type of charger- Electronic braking system for an electronic mechanism

4. Motor power- BLDC motor less than 250 W

5. Ground clearance- 160 mm

6.Battery capacity- 48 V / 24 Ah

7. Battery recharge time- 6 to 8 hours

8. Maximum speed- 25 Kmph

9. Load capacity- 90 Kgs

10. Engine displacement- 100 cc

11. Maximum power- 0.33bhp

12. Type of motor- High efficiency and water-proof motor with hall sensors

13.Starting mechanism- Self-start only

14. Fuel economy- 70 Km for each charge

15. Curb weight- 75 kgs

हीरो इलेक्ट्रिक बाइक्स की कीमत सबसे सस्ती बाइक फ्लैश के लिए रुपये 37,078 से शुरू होती है और टॉप मॉडल हीरो इलेक्ट्रिक और वाई एक्स ई के लिए रुपये 69,754 तक जाती है।

भारत में उपलब्ध इलेक्ट्रिक कारें हैं:-

1. Hyundai kona electric

2. Mahindra e-verito

3. Mahindra e20

4. Tata tigor EV 2019

5. Tata nexon EV 2020

निम्नलिखित कंपनियों ने भारत में इलेक्ट्रिक पिकअप ट्रक लॉन्च किए हैं:

• ECOYAN

• Mahindra

• Tata Motors, Ace Electric in 2016

• Ashok Leyland, Dost Electric pick up truck

• Croyance Automotive, ELECRO 1.t India first electric cargo light truck

• alagi electric truck & bus

निम्नलिखित कंपनियों ने भारत में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल लॉन्च की है

• Revolt Motors

• Tork Motors (to be launched)

• Emflux Motors (to be launched)

• Ultraviolette Automotive

मोटर वाहन (अमेंडमेंट) बिल 2015 में संसद द्वारा पारित किया गया था। जिसने भारत में वाणिज्यिक परिवहन के वैध रूप में बैटरी चालित ई-रिक्शा की स्थापना की। अपने छोटे आकार और छोटे मोड़ त्रिज्या के साथ, ई-रिक्शा पहले से ही दिल्ली एन.सी.आर में परिवहन का एक लोकप्रिय साधन है, खासकर छोटे लेन और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में।

निम्नलिखित कंपनियों ने भारत में इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा लॉन्च किया है:

• Mahindra

• Oculus Auto

• Aditya, from NavAlt

मुंबई ने स्थानीय यात्रियों के लिए प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया, बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई और ट्रांसपोर्ट ने 2017 में वडाला डीपोर्ट में 40 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया। बसें एक बार चार्ज करने पर 200 किलोमीटर तक चल सकती हैं और इनकी बैटरी को पूरी तरह से चार्ज होने में साढ़े तीन घंटे का समय लेगी। यही नहीं इन बसों में प्रवेश निशुल्क है। वे कम शोर भी पैदा करते हैं और उनकी प्रति किलोमीटर चलने की लागतभी नियमित आधार से आधी है जो कि 8 रुपये प्रति किलोमीटर है। इलेक्ट्रिक बस की कीमत आमतौर पर 2.5 करोड़ रुपये से 3.5 करोड़ रुपये के बीच होती है।

2019 के लिए निसान लीफ लॉन्च की उम्मीद की गई कीमत 40 लाख रुपये तक जा सकती है, बैटरी चार्ज करने का समय 8 से 16 घंटे 148 BHP 320 NM 400 किमी की सीमा के बीच है।इस साल ऑडी ई ट्रॉन इलेक्ट्रिक्स लॉन्च की कीमत 1.5 करोड़ से ऊपर हो सकती है।जगुआर‌-I ने 2020 के अंत में कंपनी से पहली बार पूरी तरह से इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च किया, इसकी 480 किमी से अधिक की रेंज में इलेक्ट्रिक मोटर 395 BHP 696 NM है।

फिलहाल भारत में 78% से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति अवगत नहीं है। जैसे हीधीरे-धीरे समय के साथ उन्हें इसका अवगत होगा, इलेक्ट्रिक वाहनों का डिमांड भी बढ़ता जाएगा।

ISRO ने सौर ऊर्जा से चलने वाली हाइब्रिड कार- संशोधित मारुति ओमनी का परीक्षण किया है जिसमें कार के शीर्ष पर सौर पैनल प्लेटफॉर्म स्थापित किया गया है।भारत में उपलब्ध इलेक्ट्रिक कारों के बीच सिंगल चार्ज में हुंडई कोना इलेक्ट्रिक की उच्चतम रेंज 452 किलोमीटर है।

भारत सौर ऊर्जा को अपनाने की आवश्यकता को बढ़ाने पर जोर दिया। 2025 तक सबसे बड़े सौर और ऊर्जा स्त्रोत में से एक बनने की राह पर है। इससे कोयले पर निर्भरता कम होगी लेकिन भारत अभी भी बहुत अधिक कोयला खरीदता है।

सरकार आगे इलेक्ट्रिक कारों को कैसे बढ़ावा दे सकती है?

भारत सरकार 2030 तक 30% भारतीय वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने के अपने लक्ष्य के लिए तैयार है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 2019 में उठाए गए कदमों में शामिल हैं:

1. ईवीएस (इलेक्ट्रिक वाहन) पर 5% जीएसटी में कमी आएगी जिससे इनकामूल्य भी थोड़ा काम होगा अन्य वाहनों के मुकाबले

2. इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने के लिए ऋण पर छूटदी जाएगी

लगभग एक दर्जन राज्यों ने इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों को जारी किया या प्रस्तावित किया, जिसमें दिल्ली सबसे नवीनतम है।जल्द ही बैटरी निर्माण के लिए बड़े कारखाने स्थापित किए जाएंगे और इस विचारों कोआगे बढ़ानेकी पहल हो चुकी है।

एक चार्ट के जरिएइलेक्ट्रिक और गैसोलीन वाहनों मेंतुलना करते हैं:

इलेक्ट्रिक कारों पर स्विच करने में कितना समय लगेगा?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्तमान में भारत में ई.वी बाजार में प्रवेश वाहन की कुल बिक्री में से 95% बिक्री इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की है। जबकि अप्रैल और दिसंबर 2019 के बीच केवल 1500 इलेक्ट्रिक कारों को निजी उपयोग के लिए बेचा गया था और 2018 के दौरान भारत में बिकने वाले सभी वाहनों में 79% स्कूटर थे। जैसे ही इनकी रेंज बढ़ाई जाएगी और चार्जिंग सेशन की सुविधाएं उपलब्ध होगी। वैसे ही इलेक्ट्रिक कार और बस की भी डिमांड बढ़ जाएगी।

2020 में भारत में एलोन मस्क की टेस्ला लॉन्च होने की संभावना के आसपास उत्साह बढ़ने के साथ, कई स्थानीय और वैश्विक ऑटो निर्माताओं ने इलेक्ट्रिक कारों के लिए भारतीय बाजार में इसकी डिमांड को लेकर परीक्षण शुरू कर दिया है।

मुख्य रूप से लिथियम आयन सेलकी लागत के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत बहुत अधिक है। बैटरी पैक भारत में लगभग $275/kwh का आयात और लागत आता है। इसने 28% के जीएसटी और भारत में लिथियम की कमी के साथ मिलकर बैटरी की लागत को और बढ़ा दिया। भारत में अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहन 110 किमी की रेंज और 6-8 लाख रुपये के बीच की लागत प्रदान करते हैं जो समान मूल्य सीमा में उच्च श्रेणी की कारों की तुलना में कोई लागत लाभ नहीं देता है।

ओला और उबर जैसी कंपनियां भी शामिल हो रही हैं जो ईवीएस को शामिल कर रही हैं, युलू इलेक्ट्रिक वाहन है जो फिलहाल रेंटल व्हीकल्स की तरह इस्तेमाल की जा रही है कई राज्यों में।

सुरक्षा की दृष्टि से कुछ लाभ:

इलेक्ट्रिक वाहन की क्षमता बढ़ाने के लिए उसके वज़न में कमी करने के बहुत से प्रयास किये गए हैं। इन प्रयासों के बावजूद, विद्युत् बैटरियों के उच्च घनत्व व भार के कारण ही एक इलेक्ट्रिक वाहन अपने समकक्ष पेट्रोल चालित वाहन से अधिक भारी होता है और इसी वजह से इसमें कम आंतरिक स्थान होता है और ब्रेक लगाने पर यह अधिक दूरी तय करके रुकता है। हालांकि, टक्कर में, भारी वाहन में बैठे लोगों को हलके वाहन में बैठे लोगों की तुलना में कम चोट पहुंचती है, अतः अतिरिक्त वज़न से सुरक्षा कीदृष्टि से कुछ लाभ अवश्य पहुंचता है।

भविष्य में भारत में इलेक्ट्रिक वाहन को अपनाने में कई चुनौतियां भी है। बहुत मुश्किल होता है अपनी पुरानी चीजों को छोड़कर नहीं चीजों को अपनाने में। किसी भी काम की शुरुआत में या किसी चीज को पूरी तरह स्वीकारने में थोड़ा समय लगता है। अभी लोग जिस तरह पेट्रोल डीजल से चलने वाले वाहनों पर पूरी तरह भरोसा करते हैं। वैसे ही आने वाले कुछ दशक में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर भी भरोसा करना शुरू कर देंगे। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स भारत में विस्तार करने का मुख्य उद्देश्य है कि भविष्य में लोगों को प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी समस्या को झेलना न पड़े और उनके पैसों की भी बचत की जाए।

इनके अलावा भारत में इनवाहनों को अपनाने में जो चुनौतियां शामिल है, वह है:-

1. चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर

2. बैटरी परफॉर्मेंस

2. सप्लाई डिमांड गैप

बिल्डिंग चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर

बड़ी चुनौती निश्चित रूप से चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर है जिसे मौजूदा ईंधन भरने वाले स्टेशनों के साथ और घरों के करीब वैकल्पिक स्थानों पर संयोजित करने की आवश्यकता होगी।अगर सरकार जल्द से जल्द इस पर काम करना शुरू कर देगी तो उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक वाहनोंका डिमांड बढ़ जाएगा, सप्लाई में ग्रोथ होगी और ऑटोमोबाइल सेक्टर को इस व्यवसाय में नुकसान के जगह लाभ होना शुरू हो जाएगा।

बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों में सुधार से चार्जिंग के लिए प्रतीक्षा समय समाप्त हो जाएगा, भूमि का बेहतर उपयोग हो सकेगा, वाहनों में बैटरी के आकार को कम किया जा सकेगा और इससे उपलब्ध रेंज में वृद्धि होगी।बिजली की मौजूदा कीमतों को देखते हुए, घरेलू चार्जिंग भी एक मुद्दा हो सकता है।

बैटरी का प्रदर्शन बढ़ाना

बैटरी की एफिशिएंसी बढ़ाई जाए ताकि लोग अधिक से अधिक दूरीतय कर पाए और चार्जिंग स्त्रोत से भी जुड़ी उन्हें सारी सुविधा दी जाए जिससेउन्हें कोई समस्या ना झेलनी पड़े।

बैटरी सेल निर्माण में कमी

भारत में प्राथमिक बैटरी सेल निर्माण की पूर्ण अनुपस्थिति है जो हमारे व्यापार घाटे को बढ़ाने का खतरा पैदा करती है। फिलहाल, ज्यादातर निर्माता जापान, चीन, कोरिया और यूरोप से आयातित बैटरी पर निर्भर हैं। इसलिए, भारतीय बाजार को ऐसी स्वदेशी टेक्नोलॉजीके लिए प्रोत्साहन की आवश्यकता है जो भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से उपयुक्त हैं, जैसे कि एल्यूमीनियम ईंधन सेल।

क्या भारत में इलेक्ट्रिक कारों को मिलेगी लोकप्रियता?

पिछले कुछ वर्षों में, ट्रेंड्स इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और पेट्रोल/डीजल कारों की तुलना में इलेक्ट्रिक कारों के लिए आम जनता के बीच रुचि में वृद्धि का सुझाव देते हैं, जैसा कि गूगलट्रेंड्स में देखा गया, उम्मीद है कि आगे इन्हें लेकर थोड़ी लोकप्रियता आने लगे भारत में, जिससे सरकार द्वारा उठाया गया ई.वी.एस को भारत में लाने का यह कदम पूरा हो सके।

सप्लाई-डिमांड अंतर को बांधना

आज ईवीएस को बड़े पैमाने पर अपनाने से रोकने की एक और बड़ी चुनौती यह है कि यह सीमा काफी सीमित है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपयोग के मामले बाधित हो रहे हैं।

अधिक लागत प्रभावी बैटरी के लिए समायोजित होता है जो एक बेहतर रेंज प्रदान करता है। एक बार परफॉर्मेंस रियलिटी सेट होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों से पीछे नहीं हटेगी।


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